महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने PANKHUDI पोर्टल किया लॉन्च, CSR और साझेदारी को मिलेगा डिजिटल बल

नई दिल्ली: महिलाओं और बच्चों के कल्याण, संरक्षण और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने PANKHUDI नामक एकीकृत डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और विभिन्न साझेदारियों को सुगम, पारदर्शी और तकनीक आधारित ढांचे के माध्यम से मजबूत करेगा।

PANKHUDI पोर्टल का शुभारंभ 8 जनवरी 2026 को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक भी उपस्थित रहे।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने तकनीक को सरकार और नागरिकों के बीच पारदर्शिता, सहभागिता और विश्वास का सेतु बताया है। PANKHUDI पोर्टल ‘जन भागीदारी’ की भावना को मजबूत करते हुए सरकार, संस्थानों और नागरिकों को सामाजिक विकास के साझा मंच पर लाता है।

एकल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म

PANKHUDI को एक सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जो व्यक्तियों, प्रवासी भारतीयों (NRIs), गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), CSR योगदानकर्ताओं, कॉरपोरेट संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों को एक साथ जोड़ता है। इसके माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE), बाल संरक्षण एवं पुनर्वास, तथा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में योगदान को सुव्यवस्थित किया जाएगा।

यह पोर्टल हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और अभिसरण सुनिश्चित करता है तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी और जवाबदेही को भी मजबूत करता है।

प्रमुख मिशनों को मिलेगा समर्थन

PANKHUDI, मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं— मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति— के क्रियान्वयन को भी सशक्त बनाएगा। पोर्टल पर पंजीकरण के बाद योगदानकर्ता परियोजनाओं की पहचान कर प्रस्ताव जमा कर सकेंगे और स्वीकृति की तय प्रक्रिया के तहत अपने योगदान की स्थिति भी ट्रैक कर पाएंगे।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

पोर्टल को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और ट्रेसेबल बनाया गया है। केंद्रीय और राज्य सरकारों के विभागों, कार्यान्वयन एजेंसियों, सिविल सोसायटी संगठनों तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इसमें केवल नॉन-कैश माध्यमों से ही वित्तीय योगदान स्वीकार किए जाएंगे।

सरकार के अनुसार, PANKHUDI के जरिए 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों, लगभग 5,000 चाइल्ड केयर संस्थानों, करीब 800 वन स्टॉप सेंटर्स (OSC), 500 से अधिक सखी निवास और 400 से ज्यादा शक्ति सदन में बुनियादी ढांचे और सेवाओं को और बेहतर किया जा सकेगा। इससे देशभर में करोड़ों नागरिकों के लिए सेवाओं की गुणवत्ता और ‘ईज ऑफ लिविंग’ में सुधार होने की उम्मीद है।

PANKHUDI पोर्टल का शुभारंभ महिलाओं और बच्चों के लिए समावेशी, सहयोगात्मक और परिणामोन्मुख विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण डिजिटल कदम माना जा रहा है।

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