Nirmala Sitharaman द्वारा पेश Union Budget 2026 में महिलाओं की उच्च शिक्षा और उद्यमिता को लेकर दो अहम घोषणाएं की गईं—हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल का निर्माण और महिलाओं के लिए सामुदायिक स्वामित्व वाले ‘SHE Marts’ की स्थापना। ये कदम उच्च शिक्षा में सुरक्षा व सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ महिला उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़े बदलाव माने जा रहे हैं।
हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं को लंबे समय तक लैब और अध्ययन में रहना पड़ता है, जिससे उन्हें आवास संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा है।
इन हॉस्टलों का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को सुरक्षित, सुलभ और अनुकूल आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही, खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान जैसे विषयों को अनुभवात्मक तरीके से बढ़ावा देने के लिए टेलीस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
‘SHE Marts’: महिला उद्यमियों के लिए नया बाजार मंच
बजट में ‘SHE Marts’ की स्थापना की भी घोषणा की गई है। ये स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों के लिए सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे। इनका उद्देश्य महिलाओं को:
- बेहतर बाजार पहुंच
- ब्रांडिंग के अवसर
- स्थायी आय के स्रोत
- जमीनी स्तर के संस्थानों को मजबूती
प्रदान करना है।
‘लखपति दीदी’ से आगे, अब एंटरप्राइज ओनर बनने की दिशा
वित्त मंत्री ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम की सफलता के आधार पर अब सरकार महिलाओं को केवल ऋण-आधारित आजीविका से आगे बढ़ाकर उद्यम स्वामित्व की ओर ले जाना चाहती है। क्लस्टर स्तर के फेडरेशन के तहत इन SHE Marts को स्थापित किया जाएगा और इन्हें नवाचारी वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा में निवेश और महिलाओं की भागीदारी
बजट में नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, गर्ल्स हॉस्टल और वैज्ञानिक ढांचे के निर्माण का प्रस्ताव उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
Union Budget 2026 में की गई ये घोषणाएं महिलाओं के लिए शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक एक सशक्त मार्ग तैयार करती हैं। सुरक्षित आवास, बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और बाजार तक सीधी पहुंच—इन तीन स्तंभों के माध्यम से सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।