नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को घोषणा की कि 24 मार्च को पेश होने वाले आगामी दिल्ली बजट में महिलाओं और बालिकाओं के लिए कई अहम योजनाएं शामिल की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना है।
स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups – SHGs) को मजबूत किया जाएगा। छोटे समूह आधारित मॉडल के जरिए महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय बढ़े और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
‘महिला हाट’ जैसे प्लेटफॉर्म का विस्तार
रेखा गुप्ता ने ‘महिला हाट’ जैसे प्लेटफॉर्म के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच महिलाओं को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर देते हैं, जिससे उनके हुनर को पहचान मिलती है और बाजार तक पहुंच आसान होती है।
‘नारी उत्सव’ कार्यक्रम में किया संबोधन
मुख्यमंत्री ने निर्मल छाया परिसर में आयोजित ‘नारी उत्सव’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने समर्पण, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और देश को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा रही हैं।
योजनाओं और सुविधाओं की समीक्षा
कार्यक्रम के दौरान रेखा गुप्ता ने निर्मल छाया परिसर का दौरा किया और वहां चल रही विभिन्न योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की कई पहलों का शुभारंभ और मूल्यांकन भी किया।
महिला सशक्तिकरण के तीन स्तंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के तीन प्रमुख स्तंभ—सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता—हैं। हर महिला को सुरक्षित वातावरण, हर परिस्थिति में सम्मान और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के अवसर मिलना चाहिए।
केंद्र सरकार की पहल का उल्लेख
रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि आज महिलाएं ग्रामीण उद्योगों से लेकर कॉर्पोरेट सेक्टर, राजनीति से लेकर सशस्त्र बलों तक नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है ताकि महिलाओं को और अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।