नई दिल्ली। Supreme Court of India ने कल एक अहम आदेश में पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के आगामी चुनावों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया है। इससे पहले इन चुनावों को वर्ष 2025 के लिए महिला आरक्षण संबंधी आदेश से छूट दी गई थी, लेकिन अब अदालत ने स्पष्ट किया है कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है और केवल मतदाता सूची अंतिम रूप से तैयार हुई है, इसलिए आरक्षण का लाभ यहां भी लागू होगा।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश Surya Kant और न्यायमूर्ति Joymalya Baghchi की पीठ ने पारित किया। यह सुनवाई अधिवक्ता Yogamaya द्वारा दायर रिट याचिका में दाखिल एक आवेदन पर हुई, जिसमें देशभर में राज्य बार काउंसिल चुनावों से पहले महिलाओं के पर्याप्त प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
पहले दिए गए आदेश में किया गया संशोधन
अदालत ने अपने 8 दिसंबर 2025 के आदेश के पैरा 4 में पंजाब एवं हरियाणा को दी गई छूट को हटाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया अभी प्रारंभ नहीं हुई है। इसलिए पैरा 6 के तहत निर्धारित 30 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व का नियम पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के आगामी चुनावों पर भी समान रूप से लागू होगा।
उल्लेखनीय है कि पैरा 6 के अनुसार, वर्तमान वर्ष में कुल सीटों में से 20 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए चुनाव के माध्यम से भरी जाएंगी, जबकि 10 प्रतिशत सीटें सह-नामांकन (Co-option) के जरिए भरी जाएंगी। जहां महिलाओं की संख्या अपर्याप्त होगी, वहां सह-नामांकन का प्रस्ताव न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा।
सुनवाई के दौरान उठे अन्य मुद्दे
सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने पक्ष रखा। वहीं महाराष्ट्र बार काउंसिल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीणाक्षी अरोड़ा ने दलील दी कि महाराष्ट्र में अधिवक्ताओं की संख्या लगभग 2.7 लाख होने के कारण महिला प्रतिनिधित्व का अनुपात बढ़ाया जाना चाहिए।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि न्यायालय नीति निर्धारण के क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं कर सकता और अनुच्छेद 142 के तहत किसी भी व्यापक आदेश के “दूरगामी और प्रतिकूल प्रभाव” हो सकते हैं। हालांकि, इस विषय पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया मांगी गई है और भारत के अटॉर्नी जनरल से अगली सुनवाई में सहायता करने को कहा गया है।
पांच चरणों में होंगे राज्य बार काउंसिल चुनाव
सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार राज्य बार काउंसिल चुनाव पांच चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पंजाब एवं हरियाणा तीसरे चरण में शामिल हैं, जिनके चुनाव 15 मार्च 2026 तक पूरे किए जाने हैं।
मामला विवरण
Yogamaya M.G. बनाम Union of India एवं अन्य
W.P.(C) संख्या 581/2024
इस फैसले को बार काउंसिल चुनावों में महिला अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।