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भारत की पहली महिला इंजीनियर के बारे में जाने -
 

भारत में 15 सितम्बर को इंगिनीर्स  डे मनाया जाता है। जिसमे सभी इंगिनीर्स के योगदान को सम्मानित किया जाता है। इस उपलक्ष में जानते है भारत की पहली महिला इंजीनियर के बारे में -

भारत की पहली महिला इंजीनियर ए. ललिता हैं। वह एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थीं। उस दौर में इंजीनियर बनना लड़कियों के लिए बड़ी बात थी। उनका पूरा नाम अय्योलासोमायाजुला ललिता था। उनका जन्म 27 अगस्त 1919 को चेन्नई में हुआ था। ए ललिता के पिता का नाम पप्पू सुब्बा राव था, जो पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर थे। ललिता अपने माता पिता की पांचवी संतान थी। जिसके बाद उनके दो छोटे भाई-बहन और थे। सात बच्चों के परिवार में लड़को को इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई गई और बेटियों को बुनियादी शिक्षा तक ही सीमित रखा गया।महज 15 साल की उम्र में उनकी शादी हो गयी थी। और उसके बाद उनके पति का देहांत हो गया था। जिसके बाद अपनी बेटी के लिए उन्होंने पढाई की और इंजीनियर बन कर नौकरी की। उसके बाद बिहार के जमालपुर में रेलवे वर्कशॉप में अप्रेंटिस की। फिर शिमला के सेंट्रल स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया में इंजीनियरिंग असिस्टेंट के पद पर कार्य किया। यूके में लंदन के इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स से ग्रेजुएट शिप एग्जाम भी दिया और अपने पिता के साथ रिसर्च कार्य में भी जुड़ीं।